
श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बुधवार को विपक्षी भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की कथित असंसदीय टिप्पणी पर भारी हंगामा किया। सदन की कार्यवाही पूरी तरह बाधित हो गई जब भाजपा सदस्यों ने वेल में घुसकर माफी की मांग की।
मंगलवार को केंद्र शासित प्रदेश के 6 फरवरी पेश बजट पर चर्चा समाप्त करते हुए सीएम के शब्दों पर भाजपा ने आपत्ति जताई थी। उन्होंने इसे गैर-संसदीय बताते हुए माफी की मांग की। उमर ने शब्द वापस लेने की इच्छा जताई, लेकिन शोरगुल में मौका नहीं मिला।
बुधवार को प्रश्नकाल से पहले भाजपा विधायक शाम लाल शर्मा ने स्पीकर के माध्यम से माफी की अपील की। बाद में वॉकआउट कर लौटे सदस्यों ने सीएम के अनुपस्थिति में सरकार विरोधी नारे लगाए और धरना शुरू कर दिया।
स्पीकर अब्दुल रहीम राथर ने साफ कहा कि वॉकआउट के बाद मुद्दा दोहराया नहीं जा सकता। भाजपा के विरोध को रिकॉर्ड में नहीं लिया जाएगा। उन्होंने मंगलवार की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए सीएम को बयान का मौका देने की बात कही।
शाम लाल शर्मा ने कहा कि विधानसभा के इतिहास में ऐसी भाषा का इस्तेमाल अभूतपूर्व है। उन्होंने सदन के नेता से शब्द वापसी की मांग की। स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने पलटवार किया कि भाजपा ने भी डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी पर असंसदीय शब्द कहे।
सुरिंदर चौधरी ने सभी आपत्तिजनक शब्दों को रिकॉर्ड से हटाने का सुझाव दिया, लेकिन विपक्ष नेता सुनील शर्मा ने अस्वीकार कर दिया। भाजपा ने साफ कहा कि बिना शर्त माफीまで सदन नहीं चलने देंगे। यह घटना जेकेएस की नाजुक राजनीतिक संतुलन को उजागर करती है।