
बेंगलुरु में भाजपा के वरिष्ठ नेता एम.पी. रेणुकाचार्य ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘कायर’ कहने पर तीखा प्रहार किया है। जगन्नाथ भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने सिद्धारमैया से पूरे देश और 140 करोड़ नागरिकों से माफी मांगने की मांग की।
रेणुकाचार्य ने कहा कि यह टिप्पणी न केवल प्रधानमंत्री का अपमान है, बल्कि हर भारतीय का भी। उन्होंने 2014 का जिक्र किया जब सिद्धारमैया ने मोदी को ‘जनसंहारक’ कहा था और जनता ने वोट से जवाब दिया। ‘कुर्सी के लोभ में सोनिया, राहुल और प्रियंका के आगे झुकना आपको शोभा नहीं देता।’
लोकसभा में हुई घटना पर सफाई देते हुए उन्होंने बताया कि कांग्रेस महिलाओं के हंगामे पर स्पीकर के निर्देश पर पीएम ने सदन छोड़ा। ‘यह डर नहीं, अनुशासन था। क्या आपकी जुबान फिसल जाती है?’
तीन साल की सत्ता में क्या हासिल किया, सवाल किया रेणुकाचार्य ने। ‘ऐसी भाषा से कांग्रेस ने अपनी पहचान गंवा दी। क्या चाय बेचने वाला आज देश का पीएम नहीं?’ इंदिरा युग के बाद कांग्रेस का कोई ठिकाना नहीं बचा।
सिद्धारमैया के वरिष्ठ साथी उन्हें छोड़ रहे हैं, आरोप लगाया। मोदी की ताकत के उदाहरण दिए—अमेरिका के टैरिफ कटौती, पहलगाम हमले पर तेज जवाबी कार्रवाई जहां आतंकी ठिकाने तबाह कर दिए गए।
वीवी-जी रामजी योजना पर गलत प्रचार का खंडन किया। योजना संसद और राष्ट्रपति से मंजूर है। राज्यपाल से गलत बयान करवाने की कोशिश हुई। कांग्रेस अब सिर्फ तीन राज्यों में सत्ता में।
हालिया लोकसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर पीएम के जवाब के बिना पारित होने को सिद्धारमैया ने कायरता कहा था। रेणुकाचार्य ने सिद्धारमैया के अनुभव का सम्मान करते हुए बिना शर्त माफी की मांग की। कर्नाटक की सियासत गरमाती जा रही है।