
भारत का अंतरिक्ष क्षेत्र अभूतपूर्व गति से विकसित हो रहा है। संसद में बुधवार को सरकार ने खुलासा किया कि देश में 400 से ज्यादा स्पेस स्टार्टअप सक्रिय हैं और इनमें 500 मिलियन डॉलर से अधिक का निवेश आ चुका है। यह निजी क्षेत्र की भागीदारी का स्पष्ट प्रमाण है।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में दिए लिखित जवाब में बताया कि दो निजी कंपनियों ने 2022 और 2024 में सब-ऑर्बिटल रॉकेट सफलतापूर्वक लॉन्च किए। पीएसएलवी ऑर्बिटल एक्सपेरिमेंटल मॉड्यूल (पीओईएम) के माध्यम से 25 पेलोड अंतरिक्ष भेजे गए हैं।
छह गैर-सरकारी संस्थाओं ने 18 उपग्रह लॉन्च किए। सार्वजनिक-निजी भागीदारी से पृथ्वी अवलोकन उपग्रहों का समूह तैयार हो रहा है। 25 कंपनियां पीओईएम का उपयोग कर रही हैं। राज्य सरकारें भी नीतियां बना रही हैं।
स्टार्टअप इंडिया ने 2016 से क्रांति लाई। प्रमुख स्टार्टअप जैसे पिक्सेल का फायरफ्लाई, ध्रुवा स्पेस आदि उभरे। गैलेक्सआई का मिशन दृष्टि दुनिया का पहला मल्टी-सेंसर सैटेलाइट होगा। भारत वैश्विक स्पेस हब बनने की राह पर है।