
नई दिल्ली। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ विशेषाधिकार हनन नोटिस लाने का ऐलान किया। लोकसभा में बजट चर्चा के दौरान राहुल के बयानों को गुमराह करने वाला बताते हुए रिजिजू ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि सदन के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन हुआ है, जिसके लिए औपचारिक कार्रवाई जरूरी है।
लोकसभा-राज्यसभा की कार्यप्रणाली के नियम साफ हैं। किसी सदस्य पर गंभीर आरोप लगाने से पहले नोटिस और प्रमाण जरूरी। बिना इसके आरोप लगाना असंसदीय है, रिजिजू ने जोर देकर कहा। राहुल ने बजट पर कोई सार्थक सुझाव नहीं दिए, उल्टे बेबुनियाद इल्जाम लगाए।
रिजिजू ने राहुल से शाम पांच बजे वित्त मंत्री के जवाब के दौरान सदन में रहने को कहा था, ताकि आरोप सिद्ध कर सकें। पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के 2014 के भाषण का हवाला देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि आधिकारिक दस्तावेजों में 2030 तक भारत तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा, लिखा था। मोदी ने इसे तेज कर चौथे स्थान पर पहुंचाया, दो-तीन साल में तीसरा नंबर पक्का।
राहुल के ‘भारत बिक गया’ वाले बयान पर रिजिजू भड़के। ‘देश की कोई कीमत नहीं, कोई खरीद-बिक्री नहीं कर सकता।’ 2014 से पहले 11वें पायदान पर ‘फ्रेजाइल फाइव’ टैग वाला भारत अब चमक रहा है। राहुल ने गैर-सदस्यों और हरदीप पुरी का नाम लिया, चेयर की चेतावनी के बाद भी दोहराया।
भाजपा स्पीकर को नोटिस देगी, प्रमाण मांगेगी और असंसदीय शब्द हटवाएगी। आरोप लगाकर सदन से निकल जाना गलत, जवाब सुनना चाहिए। वित्त मंत्री के जवाब में राहुल उपस्थित रहें, रिजिजू की अपील। यह घटना संसद में बढ़ते तनाव को उजागर करती है।