
पटना में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र ने बुधवार को बिहार पुलिस पर एक विशेष जाति के अपराधियों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राज्य में अपराध की बाढ़ आ गई है, लेकिन सरकार इसे रोकने में नाकाम रही है।
मीडिया से बातचीत में वीरेंद्र ने स्पष्ट शब्दों में कहा, ‘हर जाति में अपराधी मौजूद हैं, फिर भी सिर्फ यादव और मुस्लिम समुदाय के अपराधियों को ही घेरा जा रहा है। गैर-यादव अपराधियों को संरक्षण मिल रहा है।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि वे किसी अपराधी का पक्ष नहीं लेते, लेकिन कार्रवाई निष्पक्ष होनी चाहिए।
इसी बीच पटना के आलमगंज थाना क्षेत्र में पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि गायघाट के पास अपराधी रंगदारी वसूलने की फिराक में जमा हैं। एसटीएफ की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर ली। अपराधियों ने गोलीबारी शुरू कर दी, तो पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इसमें कुख्यात बदमाश राजीव कुमार उर्फ सूर्या डॉन के पैर में गोली लग गई। उसे गिरफ्तार कर अस्पताल में भर्ती किया गया।
जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने पलटवार किया, ‘अपराधी की कोई जाति या धर्म नहीं होता। गोली चलाने पर पुलिस आत्मरक्षा में जवाब देती है। इसमें जातिवाद कहां है?’
यह विवाद बिहार की कानून-व्यवस्था पर सियासी जंग को नई ऊंचाई दे रहा है। विपक्ष सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है, जबकि सत्ताधारी गठबंधन कठोर कार्रवाई का दावा कर रहा है। राज्य में अपराध नियंत्रण की चुनौती अब जातिगत रंग ले रही है।