
राष्ट्रीय राजधानी के जनकपुरी इलाके में सड़क पर बने गड्ढे में बाइक सवार की दर्दनाक मौत के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है। द्वारका जिला कोर्ट ने बुधवार को इस घटना की सुनवाई के दौरान दिल्ली पुलिस को अब तक चली जांच का पूरा स्टेटस रिपोर्ट सौंपने का सख्त निर्देश दिया।
कोर्ट ने विशेष रूप से घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी। क्या फुटेज उपलब्ध है, या कैमरे खराब थे तो इसके पीछे की वजह क्या है—इन सभी बिंदुओं पर स्पष्टता बरतने को कहा गया। साथ ही, जांच का वर्तमान चरण और एकत्रित साक्ष्यों की जानकारी भी तलब की गई।
गत गुरुवार को 25 वर्षीय कमल ध्यानी नामक युवक की इस गड्ढे में गिरने से जान चली गई थी, जो दिल्ली जल बोर्ड के प्रोजेक्ट से जुड़ा था। पुलिस ने लापरवाही के आरोपी के तौर पर प्रोजेक्ट के सब-कॉन्ट्रैक्टर राजेश प्रजापति और साइट सुपरवाइजर योगेश जोगिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है।
एफआईआर में सामने आया कि गड्ढे के पास कोई चेतावनी संकेतक, रिफ्लेक्टर, बैरिकेडिंग, रोशनी या सुरक्षाकर्मी नहीं थे। मुख्य सड़क पर बिना सुरक्षा के खुला छोड़ना जानलेवा था, फिर भी कोई इंतजाम नहीं किया गया।
इस हादसे के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सभी विभागों को तत्काल कार्रवाई का आदेश दिया। उन्होंने निर्माण कार्यों के लिए आठ-सूत्री सुरक्षा दिशानिर्देश जारी किए, जिसमें नियमों का कड़ाई से पालन और अधिकारियों-ठेकेदारों की जवाबदेही सुनिश्चित करने पर जोर दिया। यह कदम भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।