
पटना। जदयू प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने डीएमके के विभाजनकारी बयानों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि डीएमके मंत्री का ताजा बयान वोट बैंक की राजनीति के तहत राज्य को तोड़ने की साजिश है।
डीएमके नेताओं के लगातार समाज-विभाजक बयान उनकी हताशा के प्रमाण हैं। प्रसाद ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु में एआईएडीएमके, भाजपा, पीएमके और अन्य दलों का गठबंधन मजबूत विकल्प बन रहा है। जनता ने डीएमके की सत्ता वापसी का मन बना लिया है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के अविश्वास प्रस्ताव पर रुख को उन्होंने संसदीय परंपरा का सम्मान बताया। विपक्ष का इसे विवादित बनाना मर्यादा का उल्लंघन है।
राहुल गांधी के अप्रकाशित किताब के अंशों पर हंगामे को अपरिपक्वता करार दिया। अध्यक्ष ने सही निर्णय लिया।
अजित पवार हादसे पर डीजीसीए जांच का इंतजार करने की नसीहत दी।
मुर्शिदाबाद मस्जिद विवाद को टीएमसी की नूरा-कुश्ती बताया, जिससे बंगाल की जनता अब मूर्ख नहीं बनेगी।
बिहार सदन में विपक्ष के हंगामे को गैर-जिम्मेदाराना कहा। नीतीश कुमार ने 20 वर्षों में विकास, कानून-व्यवस्था सुधारी और अपराध घटाया।
‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष पर नए निर्देशों का समर्थन किया, इसे स्वतंत्रता संग्राम का प्रतीक बताते हुए सभी को सम्मान देने की अपील की।