
नई दिल्ली में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को हटाने की विपक्ष की मांग ने राजनीतिक तापमान को चरम पर पहुंचा दिया है। एनडीए के सांसदों ने विपक्ष पर लोकतंत्र का अपमान करने का गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लगातार शोर मचाने से देशहित प्रभावित हो रहा है।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस को आड़े हाथों लिया। उन्होंने बताया कि 20-25 कांग्रेस सांसद स्पीकर के कक्ष में घुस आए और बदतमीजी की। प्रियंका गांधी वाड्रा व केसी वेणुगोपाल जैसे नेता उन्हें उकसा रहे थे। स्पीकर की नरमी ने ही बड़ी कार्रवाई टाली।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने स्पीकर पद की गरिमा पर जोर दिया। ओम बिरला ने निष्पक्षता बनाए रखने को भाजपा की कोई बैठक नहीं की। विपक्ष को इस तरह अपमान नहीं करना चाहिए। राहुल गांधी की किताब वाली बात पर भी उन्होंने सवाल उठाए, क्योंकि नरवणे व प्रकाशक ने अप्रकाशित बताया।
जदयू के संजय कुमार झा ने राहुल से माफी की मांग की। अप्रकाशित किताब का हवाला देना सनसनीखेजी है। कांग्रेस अब देश का विरोध करने लगी है।
राजस्थान भाजपा प्रमुख मदन राठौड़ ने राहुल को कल्पनावादी कहा। पीएम मोदी पर ऐसी टिप्पणियां निंदनीय हैं।
संसदीय सत्र में यह टकराव लोकतांत्रिक मूल्यों की परीक्षा बन गया है।