
अयोध्या जिले के थाना इनायतनगर क्षेत्र के मजनाई गांव में मंगलवार को हरियाणा की फरीदाबाद जेल में हत्या कर दिए गए आतंकी अब्दुल रहमान का शव उसके पैतृक गांव पहुंच गया। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और शव को स्थानीय कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा।
अब्दुल रहमान के पिता और परिवारजन फरीदाबाद से शव लेकर अयोध्या लौटे, जहां से इसे मजनाई गांव ले जाया गया। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे इलाके में सतर्कता बरती जा रही है ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।
फरीदाबाद जिले की नीमका जेल में रविवार रात करीब 2 बजे बैरक नंबर 3 के पास यह वारदात हुई। साथी कैदी अरुण चौधरी ने, जो जम्मू-कश्मीर का निवासी है, तीखी नोकझोंक के दौरान नुकीली वस्तु से रहमान के सिर पर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, हमलावर पहले जेकेई जेल में था और बाद में फरीदाबाद स्थानांतरित किया गया था।
पुलिस महकमे के प्रवक्ता यशपाल सिंह ने पुष्टि की कि रहमान को मौके पर ही दफनाया गया। जांच में जेल सुरक्षा में चूक की पड़ताल हो रही है।
बताया जाता है कि 2 मार्च 2025 को पाली गांव के निकट एसटीएफ ने रहमान को दो हैंड ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया था। उसके पास राम मंदिर से जुड़े वीडियो भी बरामद हुए थे, जो अयोध्या में विस्फोट की साजिश का संकेत देते थे। ग्रेनेड को मौके पर निष्क्रिय कर दिया गया।
यह घटना अयोध्या की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है, जहां राम मंदिर उद्घाटन के बाद आतंकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी है। गांव में दफन के दौरान शांति बनाए रखने के प्रयास जारी हैं।