
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के नवीनतम बजट पर समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कड़ा प्रहार किया है। राज्यसभा सांसद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की आर्थिक नीतियों पर सवाल ठोकते हुए कहा कि ऐसी कमजोर अर्थव्यवस्था से बेहतर बजट की अपेक्षा कैसे की जा सकती है?
उन्होंने व्यंग्य भरे लहजे में कहा, ‘मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठे अर्थशास्त्री किस स्तर के हैं, वहां से जनहितैषी बजट कैसे आएगा?’ यादव ने चेतावनी दी कि आम जनता को इससे कोई विशेष लाभ नहीं मिलेगा।
गरीबों के बेघर होने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘सरकार ने पहले ही गरीबों को घरों से उजाड़ दिया, अब यह बजट किस वर्ग के लिए है?’ यह बयान बजट की प्रासंगिकता पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
सपा विधायक संग्राम सिंह ने कहा कि बजट से किसानों, छात्रों व युवाओं को लाभ की उम्मीद थी। भाजपा का स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने का वचन अभी अधूरा है। प्रारंभिक आंकड़े निराशाजनक हैं।
राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने बजट को धोखा बताया। ‘पेपरलेस सदन में कागजी बजट, कोई विजन नहीं।’ उन्होंने छात्र-किसान-युवाओं का समर्थन जुटाते हुए कहा कि आने वाले चुनाव में पीडीए की सरकार बनेगी।
कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा मोना ने खर्च की कमी पर तंज कसा, ‘बजट आंकड़े तो हैं, इच्छाशक्ति नहीं।’
विपक्ष के ये बयान यूपी बजट को घेरते हुए राजनीतिक तापमान बढ़ा रहे हैं।