
नई दिल्ली। पिछले पांच वित्तीय वर्षों में कंपनियों ने कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पर 1,44,159 करोड़ रुपये से अधिक खर्च कर डाला है। कॉरपोरेट मामलों के राज्य मंत्री हर्ष मल्होत्रा ने राज्यसभा में दिए लिखित जवाब में यह जानकारी साझा की।
एमसीए21 पोर्टल पर सीएसआर खर्च का पूरा ब्योरा उपलब्ध है, जिसमें राज्यवार, वर्षवार, कंपनीवार और प्रोजेक्टवार आंकड़े शामिल हैं। मंत्र ने बताया कि सीएसआर गतिविधियों की योजना, कार्यान्वयन और निगरानी कंपनी बोर्ड की जिम्मेदारी है।
कंपनी (सीएसआर नीति) नियम 2014 के तहत, जिन कंपनियों का पिछले तीन वर्षों का औसत सीएसआर दायित्व 10 करोड़ या अधिक रहा हो, उन्हें 1 करोड़ या अधिक खर्च वाली परियोजनाओं का स्वतंत्र एजेंसी से प्रभाव मूल्यांकन कराना अनिवार्य है। यह उन प्रोजेक्ट्स पर लागू होता है जो कम से कम एक साल पहले पूर्ण हो चुके हों।
2021 से 2025 तक एमसीए21 पर 3.84 करोड़ फाइलिंग हुईं। इनमें 3.33 करोड़ स्वतः स्वीकृत, 40.8 लाख आरओसी और क्षेत्रीय निदेशकों द्वारा मंजूर हुईं, जबकि 8.3 लाख अस्वीकार की गईं।
व्यापार आसान बनाने के लिए एमसीए21 वी3 लॉन्च किया गया है, जिसमें वेब फाइलिंग, एलएलपी मॉड्यूल, ई-एनफोर्समेंट, ई-एडजुडिकेशन जैसी सुविधाएं हैं। हेल्प डेस्क ने वित्त वर्ष 2025-26 में 3,16,877 टिकट निस्तारित किए, जिनका 98 प्रतिशत सफल समाधान हुआ।
मंत्री ने कहा कि इस पोर्टल पर प्रतिवर्ष लाखों फॉर्म जमा होते हैं, इसलिए इसे निरंतर मजबूत किया जा रहा है। यह प्रगति कॉरपोरेट जिम्मेदारी और डिजिटल शासन को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।