
लोकसभा में गुरुवार को जोरदार हंगामा मच गया जब भाजपा सांसदों ने नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुंद नरवणे की किताब को लेकर झूठ फैलाने का आरोप लगाया। गांधी के एक्स पोस्ट और सदन में दिए बयान के बाद भाजपा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनके खिलाफ सख्त कदम उठाने की मांग की।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी केवल सनसनी फैलाना जानते हैं। उन्होंने किताब के उद्धरणों को सत्यापित करने का दावा किया लेकिन कोई हस्ताक्षर तक नहीं किया। नरवणे ने स्पष्ट किया कि किताब प्रकाशित नहीं हुई है। पेंगुइन इंडिया ने भी सोशल मीडिया पर खारिज किया। ऐसे में कार्रवाई जरूरी है।
अजय भट्ट ने सदन की गरिमा का हवाला दिया। विपक्ष गलत सूचनाएं फैला रहा है, जो सब जानते हैं। नियमों के दायरे में ही बहस होनी चाहिए, बाहरी मुद्दे यहां नहीं उठाए जा सकते।
निशिकांत दुबे ने चुनौती दी कि अगर किताब है तो पूरी दिखाएं वरना देश से माफी मांगें। प्रकाशक और लेखक दोनों ने पुष्टि की कि कोई प्रकाशन नहीं हुआ।
शशांक मणि त्रिपाठी ने इसे झूठ का पुलिंदा बताया। पहले किताब का जिक्र, फिर इनकार, फिर संदिग्ध कॉपी। सदन की बाधित कार्यवाही के लिए भी माफी चाहिए।
यह विवाद राजनीतिक ध्रुवीकरण को उजागर करता है। भाजपा का कहना है कि रक्षा मामलों पर राहुल की विश्वसनीयता पर सवाल उठे हैं। मानसून सत्र पर असर पड़ सकता है।