
कानपुर के एचडीएफसी बैंक की पनकी शाखा में हुई महिला कर्मचारियों के बीच तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तहलका मचा रहा है। वीडियो में एक कर्मचारी के मुंह से निकला, ‘मैं ठाकुर हूं।’ इस मामले में पूर्व कर्मचारी रितु त्रिपाठी और उनके पति ऋषि मिश्रा ने अपना पूरा दर्द बयां किया है।
6 जनवरी को रितु ने इस्तीफा देने के इरादे से सुबह 9 बजे बैंक पहुंची थीं। व्रत के कारण वे जल्दी घर लौटना चाहती थीं ताकि पूजा हो सके। ननद के साथ गईं रितु की ननद वॉशरूम गईं, जहां आस्था का लॉक्ड न होना विवाद का बीज बना। आस्था ने गलती स्वीकारने से इनकार कर दिया और अपशब्दों की बौछार कर दी।
पूरे दिन आस्था ने ननद को ताने मारे, कहा ‘ये मेरे लेवल की नहीं।’ रितु ने पति को बुलाया। ऋषि ने बहन से पूछा तो आस्था भड़क गईं- गालियां दीं और धमकी दी, ‘मैं ठाकुर हूं, यहीं ठोंक दूंगी।’ रितु बोलीं, ‘ठाकुर होना मारपीट का लाइसेंस नहीं।’
ऋषि ने बताया कि सुबह से पत्नी पर जुल्म हो रहे थे। इस्तीफा पूरा होने पर भी शाम तक नहीं जाने दिया। उन्होंने जाति का जिक्र नहीं किया, आस्था ने ही उठाया। लैपटॉप फेंकने से बाल-बाल बचे। क्लस्टर हेड ने देरी से हस्तक्षेप किया।
यह घटना कार्यस्थल पर जातिवाद और दुर्व्यवहार की पोल खोलती है। जांच की मांग तेज हो रही है।