
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत गठित नेटवर्क प्लानिंग ग्रुप (एनपीजी) ने अब तक 16.10 लाख करोड़ रुपये की लागत वाले 352 इंफ्रा प्रोजेक्ट्स का विस्तृत मूल्यांकन पूरा कर लिया है। लोकसभा में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने मंगलवार को लिखित जवाब में यह जानकारी दी।
इनमें से 201 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान की गई है, जबकि 167 पर कार्य चल रहा है। एनपीजी का मुख्य उद्देश्य योजना चरण में ही बहु-आयामी एकीकरण, मंत्रालयों के बीच समन्वय, अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी और डेटा आधारित निर्णय सुनिश्चित करना है। इससे प्रोजेक्ट स्थलों के आसपास व्यापक विकास भी संभव हो रहा है।
वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने राज्यों को इंफ्रा विकास हेतु 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 5,000 करोड़ रुपये उपलब्ध कराए हैं। 150 करोड़ से अधिक लागत वाले केंद्रीय प्रोजेक्ट्स की निगरानी सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय कर रहा है।
500 करोड़ या इससे अधिक की परियोजनाओं के लिए प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) सक्रिय है। इसकी पंचस्तरीय प्रणाली सामान्य मुद्दों को मंत्रालय स्तर पर और जटिल समस्याओं को प्रगति मंच तक पहुंचाती है। इससे समीक्षा प्रक्रिया सुगम हुई है और दोहराव रुका है।
पीएम गति शक्ति को पीएमजी से जोड़ने से बाधाएं शीघ्र दूर हो रही हैं, जिससे प्रोजेक्ट कार्यान्वयन में गति आई है। यह पहल भारत को इंफ्रास्ट्रक्चर हब बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।