
लोकसभा में संघ बजट पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार के हालिया भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने इसे ‘ढीला समझौता’ करार देते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल ठोक दिए।
इस हफ्ते की शुरुआत में हुए इस समझौते में भारत ने कुछ अमेरिकी आयात पर टैरिफ 18 प्रतिशत तक कम करने और कुछ उत्पादों पर शून्य टैरिफ लगाने पर सहमति जताई। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे बड़ी जीत बताया, लेकिन केंद्र ने अब तक विस्तार से कुछ नहीं कहा।
अखिलेश ने टाइमिंग पर सवाल उठाया- क्या बजट इस डील से पहले बना या बाद में? उन्होंने कहा कि 11 महीने की देरी से देश के व्यापारियों को नुकसान हुआ। एफटीए के असर से रुपये की स्थिरता पर खतरा मंडरा रहा है।
‘आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी के नारे कहां गए? 500 मिलियन डॉलर का एकतरफा व्यापार… भाजपा के हिसाब में 0 और 18 बराबर?’ अखिलेश ने व्यंग्य किया। उन्होंने सरकार से डील के प्रभाव का सही आकलन करने को कहा।
बजट पर भी निशाना साधते हुए उन्होंने पीडीए, गरीब, दलित व आदिवासियों की उपेक्षा का आरोप लगाया। यह टिप्पणी तब आई जब देश आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है।
अखिलेश का यह हमला विपक्ष की आर्थिक नीतियों पर बढ़ती असहमति को दर्शाता है। व्यापार समझौतों में सतर्कता जरूरी है।