
राज्यसभा में बजट चर्चा के दौरान पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने सरकार की आर्थिक उपलब्धियों पर सवाल उठाते हुए कई आंकड़े पेश किए। जवाब में भाजपा सांसद सुरेंद्र सिंह नागर ने मंगलवार को चिदंबरम पर आंकड़ों को तोड़-मरोड़ने का आरोप लगाया। नागर ने कहा कि चिदंबरम की सदन में कही बातें सुनकर ऐसा प्रतीत होता है जैसे देश में कोई प्रगति ही न हो रही हो। लेकिन आंकड़ों को अपने हिसाब से पेश करने में उनकी खास महारत है।
नागर ने चिदंबरम के वित्त मंत्री काल के अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तब भी वे संसद में ऐसे ही आंकड़ों का जादू चलाते थे। बजट को देश की आर्थिक स्थिति का सटीक आईना बताते हुए नागर ने इसे विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करने वाला दस्तावेज करार दिया। उन्होंने बताया कि यह बजट तीन मुख्य उद्देश्यों से प्रेरित है- उत्पादकता व प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करना तथा हर परिवार व क्षेत्र तक समान अवसर पहुंचाना।
रक्षा निर्यात के 23 हजार करोड़ से अधिक होने का जिक्र करते हुए नागर ने कहा कि वैश्विक जीडीपी वृद्धि में भारत का 17 प्रतिशत योगदान है, जो चीन के बाद दूसरे स्थान पर है। 2014 के बाद प्रगति पोर्टल से 3300 अटके प्रोजेक्ट पूरे हुए, जिनकी लागत 85 लाख करोड़ थी। जम्मू-कश्मीर की रेल लाइन से असम के पुल तक ये परियोजनाएं अब राष्ट्र सेवा में जुटी हैं।
किसानों पर बोलते हुए नागर ने हरियाणा की डबल इंजन सरकार की सराहना की जो 24 से ज्यादा फसलों पर एमएसपी दे रही है। गांवों में अब 40-40 ट्रैक्टर दिखते हैं, जो किसानों की बढ़ती क्रय शक्ति का प्रमाण है। सड़क परिवहन व हाईवे के लिए ऐतिहासिक बजट वृद्धि मोदी सरकार की देन है, जो जमीनी काम को दर्शाती है।