
भारत का रिटेल वाहन बाजार जनवरी में जबरदस्त उछाल के साथ 17.61 प्रतिशत सालाना बढ़त हासिल कर 27,22,558 इकाइयों तक पहुंच गया। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में दोपहिया और यात्री वाहनों की मजबूत मांग को इस विकास का मुख्य कारण बताया गया है।
यात्री वाहनों की रिटेल बिक्री 7.22 प्रतिशत उछलकर 5,13,475 इकाइयों पर आ गई। कुल बिक्री में शहरी क्षेत्रों का हिस्सा 59.2 प्रतिशत रहा, लेकिन ग्रामीण इलाकों में 14.43 प्रतिशत की तेज वृद्धि हुई, जो शहरी 2.75 प्रतिशत से कहीं अधिक है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाता है।
फाडा अध्यक्ष सीएस विघ्नेश्वर ने कहा, ‘जीएसटी में राहत, फसल कटाई से नकदी उपलब्धता और शादी-विवाह के मौसम ने ग्रामीण क्षेत्रों में यात्री व मालवाहक वाहनों की मांग को बल दिया है।’ डीलरों का फीडबैक बताता है कि हाई-वैल्यू मॉडलों पर ग्राहकों की नजरें टिकी हैं, खासकर पोंगल और मकर संक्रांति जैसे त्योहारों के प्रभाव से।
दोपहिया वाहनों में सबसे ज्यादा 20.82 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई, कुल 18,52,870 इकाइयां बिकीं, जिनमें ग्रामीण हिस्सेदारी करीब 56 प्रतिशत रही। वाणिज्यिक वाहनों की बिक्री 15.07 प्रतिशत बढ़कर 1,07,486 इकाइयों पर पहुंची, जिसमें हल्के वाहन 65,505 और भारी वाहन 34,287 इकाई शामिल हैं—दोनों में 14 प्रतिशत की वृद्धि।
फरवरी के बाजार का माहौल सकारात्मक है। अनुकूल आर्थिक संकेतों और डीलरों के विश्वास से समर्थित, 72.56 प्रतिशत डीलर वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि सिर्फ 4.51 प्रतिशत को गिरावट का डर है। ऑटो क्षेत्र की यह रफ्तार निरंतर प्रगति का संकेत दे रही है।