
लोकसभा में बढ़ते गतिरोध के बीच विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार और पेंगुइन प्रकाशन पर सीधी चोट की। पूर्व सेना प्रमुख जनरल एमएम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ को लेकर सदन की कार्यवाही ठप होने के बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि यह किताब सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और भाजपा असहज सच्चाइयों को दबाने पर तुली है।
गांधी ने दावा किया कि पुस्तक अमेजन जैसे ई-कॉमर्स साइट पर मिल रही है, जबकि पेंगुइन ने इसे साफ इनकार किया। उन्होंने नरवणे की 2023 की एक्स पोस्ट दिखाई, जिसमें गलवान झड़प की घटनाओं का जिक्र कर किताब पढ़ने को कहा गया था। ‘लिंक पर क्लिक करें, पढ़ें। जय हिंद। या तो पेंगुइन झूठ बोल रहा है या पूर्व सेना प्रमुख।’
पिछले एक सप्ताह से संसद में यह मुद्दा व्यवधान का कारण बन रहा है। विपक्ष खुलासों पर चर्चा चाहता है, सरकार रोक रही है। सोमवार को गांधी द्वारा किताब लहराने से विवाद भड़का।
‘मैं नरवणे के साथ हूं, पेंगुइन के साथ नहीं। आप किसके साथ?’ उन्होंने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल ठोके। विपक्ष का कहना है कि किताब में गलवान की सच्चाई ऐसी है जो सत्ता को शर्मसार करेगी।
पेंगुइन ने बयान जारी कर कहा कि किताब मुद्रित या डिजिटल रूप में उपलब्ध नहीं। प्रकाशन अधिकार हमारे पास हैं लेकिन अभी जारी नहीं हुई। यह विवाद संसदीय सत्र को प्रभावित कर रहा है, जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा के सवाल प्रमुख हैं।