
आज की तेज रफ्तार जिंदगी में सुस्ती और एकाग्रता की कमी आम समस्या बन गई है। सुबह उठते ही थकान, दिन भर भारीपन और मन का भटकना हर किसी को परेशान कर रहा है। पढ़ाई, नौकरी या घर के कामकाज में फोकस न लगना बड़ी बाधा है। लेकिन एक सरल योग क्रिया इसे बदल सकती है।
कुंडलिनी शक्ति-विकासक क्रिया नाम की ये आसान विधि चमत्कारिक लाभ देती है। न जगह की जरूरत, न उपकरण – सिर्फ 5 मिनट रोजाना।
इससे पैरों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, खून का प्रवाह तेज होता है। ऊर्जा बढ़ती है, शरीर हल्का लगने लगता है। कुछ दिनों में सुबह का आलस गायब हो जाता है।
दिमाग पर भी गहरा असर पड़ता है। सांस और गति का सामंजस्य मन को वर्तमान में बांधता है। शांति और एकाग्रता मिलती है, जो छात्रों व मानसिक काम करने वालों के लिए वरदान है।
शुरू में 20-25 बार धीरे करें। सुबह खाली पेट या शाम को आदर्श। जोर न लगाएं, धीरे-धीरे गति बढ़ाएं। पैरों की समस्या हो तो विशेषज्ञ से पूछें। नियमितता से जीवन नया रंग भर लेगा।