
नई दिल्ली। नए साल 2026 की शुरुआत म्यूचुअल फंड बाजार के लिए जबरदस्त रही। एम्फी के आंकड़ों से साफ है कि जनवरी में कुल 1.56 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध निवेश हुआ, जो दिसंबर की निकासी के बाद बड़ी राहत है।
गोल्ड ईटीएफ ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। इसमें निवेश दोगुना होकर 24,039.96 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो दिसंबर के 11,647 करोड़ से 50 प्रतिशत ज्यादा है। यह निवेशकों के सोने पर बढ़ते भरोसे को दिखाता है।
एक्टिव इक्विटी में 24,029 करोड़ का निवेश दर्ज हुआ, जो दिसंबर से थोड़ा कम लेकिन मजबूत है। फ्लेक्सी कैप फंड्स ने 7,672.36 करोड़ जुटाए, सबसे आगे रहे। लार्ज कैप में 2,004 करोड़, मिड कैप में 3,185.47 करोड़ और स्मॉल कैप में 2,942.11 करोड़ आए।
सेक्टोरल फंड्स में 1,042 करोड़ का इन्फ्लो 9.2 प्रतिशत बढ़ा। डेट फंड्स में कमाल हुआ- 74,827.13 करोड़ निवेश, दिसंबर की 1.32 लाख करोड़ निकासी के बाद।
ओवरनाइट फंड्स में 46,280 करोड़, लिक्विड में 30,681.55 करोड़। हाइब्रिड में 17,356.02 करोड़, आर्बिट्रेज में 3,293.30 करोड़ का उछाल।
12 नए फंड लॉन्च से 1,939 करोड़ जुटे। एसआईपी 31,002 करोड़ पर स्थिर। मॉर्निंगस्टार के हिमांशु श्रीवास्तव कहते हैं, बाजार की अस्थिरता के बावजूद एसआईपी और लॉन्ग टर्म ग्रोथ पर भरोसा बरकरार है।
यह रुझान बताता है कि निवेशक विविधीकरण पर जोर दे रहे हैं, जो 2026 के लिए सकारात्मक संकेत है।