
एनसीआर के शहरों में मौसम की अनिश्चितियां और जहरीली हवा ने लोगों के स्वास्थ्य पर भारी बोझ डाल दिया है। जिला अस्पतालों की ओपीडी में आने वाले मरीजों में से आधे से अधिक मौसमी बीमारियों से जूझ रहे हैं। उल्टी-दस्त, बुखार, गले की खराश, सांस फूलना और एलर्जी के केस तेजी से बढ़ रहे हैं।
मौसम विभाग ने 10 से 12 फरवरी तक हल्की धुंध की चेतावनी दी है। दिन का पारा 23-26 डिग्री और रात का 11-12 डिग्री के आसपास रहेगा। सुबह-शाम की ठंडक और दोपहर की गर्मी ने इम्यूनिटी को कमजोर कर दिया है।
एकी्यूआई की स्थिति भयावह है। दिल्ली में आनंद विहार 317, अशोक विहार 328, बवाना 333, नरेला 344, मंडका 357 तक पहुंच गया। नोएडा के सेक्टर-125 पर 307 और गाजियाबाद के लोनी में 402 दर्ज। ये आंकड़े साफ हवा की कमी को बयां करते हैं।
डॉक्टरों का कहना है कि नमी, प्रदूषण और मौसम परिवर्तन से संक्रमण फैल रहे हैं। सलाह है- मास्क लगाएं, साफ पानी पिएं, तला-भुना अवॉइड करें। बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। यह संकट एनसीआर की पर्यावरणीय कमियों को उजागर करता है, जहां तत्काल उपाय जरूरी हैं।