
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे ने दोनों देशों के रिश्तों को नई ऊंचाई प्रदान की है। मलेशिया में भारतीय हाईकमीशनर बीएन रेड्डी ने इसे ऐतिहासिक बताया, जो सांस्कृतिक बंधनों को पुनर्जीवित करने के साथ रणनीतिक सहयोग को मजबूत बनाता है।
दौरे से ठीक पहले एनपीसीआई इंटरनेशनल और पेनेट के बीच भुगतान प्रणाली समझौता हुआ, जिसकी घोषणा पीएम मोदी ने की। इससे आर्थिक जुड़ाव बढ़ेगा। कुल 11 से अधिक एमओयू हस्ताक्षरित हुए, जिनमें रक्षा व सुरक्षा सहयोग को विशेष महत्व दिया गया। यह व्यापक रणनीतिक साझेदारी का मूल स्तंभ है, जो अगस्त 2024 में अनवर इब्राहिम के भारत दौरे से मजबूत हुई।
मलेशियाई पीएम का एयरपोर्ट पर स्वागत एक विशेष इशारा था। उसके बाद ‘सलामत दातांग मोदीजी’ कार्यक्रम में 12,000 से अधिक लोगों के बीच दोनों नेताओं ने संबोधन दिया। 800 मलेशियाई नर्तकों का भारतीय शास्त्रीय व लोकनृत्य प्रदर्शन मलेशियाई रिकॉर्ड में दर्ज हुआ, जो सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक है।
यह पीएम मोदी का मलेशिया का तीसरा दौरा है, लेकिन 2026 का पहला अंतरराष्ट्रीय भ्रमण। इससे द्विपक्षीय संबंधों में गति आएगी, जिसमें व्यापार, प्रौद्योगिकी और सुरक्षा प्रमुख होंगे। भारत-मलेशिया भागीदारी क्षेत्रीय स्थिरता के लिए महत्वपूर्ण साबित होगी।