
लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र सोमवार को शुरू होते ही विपक्ष ने हंगामे का रंग जमा दिया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान सपा विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की, जिससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची।
ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विपक्ष की आलोचना करते हुए कहा कि यह रवैया अस्वीकार्य है। राज्यपाल को बोलने न देने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने पूरे संबोधन को पूरा किया। मैं उनका आभार व्यक्त करता हूं। विपक्ष को सदन की कार्यवाही बाधित नहीं करनी चाहिए।
शर्मा ने कहा कि महिला राज्यपाल का अपमान करने वाले इन नेताओं की देशभर में निंदा हो रही है। मुद्दों के अभाव में हंगामा उनका पुराना हथकंडा है, जिससे जनमुद्दों पर चर्चा नहीं हो पाती।
भाजपा शासन में जनता को वो सुविधाएं मिल रही हैं, जो पहले विपक्ष ने छीन ली थीं। केंद्र-राज्य की भाजपा सरकारों के संयुक्त प्रयास से लोग संतुष्ट हैं। जनता जानती है कि कौन उनकी परेशानियां सुलझा सकता है।
अहिल्याबाई होल्कर की मूर्ति काशी विश्वनाथ मंदिर में स्थापित कर हमने उनका सम्मान किया है। कई संस्थानों का नाम भी उनके नाम पर रखा गया। भाजपा का आदर स्पष्ट है, जबकि विपक्ष भ्रम फैला रहा है।
प्रदेश में हो रहे विकास से जलने वाले विपक्षी नेता शोर मचा रहे हैं। उनके राज में जनसमस्याओं की अनदेखी हुई थी। बजट सत्र में यह टकराव भविष्य की राजनीतिक जंग का संकेत देता है।
