
नई दिल्ली में लोकसभा की कार्यवाही को लेकर समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने स्पीकर ओम बिरला पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सदन के संरक्षक होने के नाते स्पीकर को विपक्ष को भी समान संरक्षण प्रदान करना चाहिए।
इकरा हसन ने बताया कि सदन में विपक्ष को बोलने का मौका ही नहीं दिया जाता। नेता प्रतिपक्ष को बार-बार रोका जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा, ‘विपक्ष के नेता का पद अत्यंत महत्वपूर्ण है, उन्हें शैडो प्राइम मिनिस्टर भी कहा जाता है। सवाल-जवाब देश की लोकतांत्रिक सुंदरता है और इसे जीवित रखना स्पीकर की जिम्मेदारी है।’
सांसद ने स्पीकर से अपील की कि विपक्ष को बोलने का पूरा अवसर दें। उन्होंने बजट सत्र का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार चर्चाएं नहीं होने दे रही क्योंकि उनके कुप्रबंधन उजागर हो जाएंगे। ‘बजट पेश होने के बाद विपक्ष को बहस का अधिकार है, लेकिन ऐसा नहीं हो रहा। लगता है सरकार लोकतंत्र को कुचलना चाहती है।’
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर प्रहार करते हुए इकरा हसन ने कहा कि भाजपा से जुड़े लोगों को विशेष सुविधाएं दी जा रही हैं। कानून-व्यवस्था का मजाक बनाया गया है। ‘मुझे विश्वास है कि यूपी की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को सबक सिखाएगी।’
इकरा हसन के बयान से संसदीय बहस तेज हो गई है, जो लोकतंत्र की मजबूती पर सवाल खड़े कर रहे हैं।