
जयपुर के रत्न और आभूषण उद्योग के विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता इस क्षेत्र के लिए क्रांतिकारी साबित होगा। शून्य टैरिफ से अमेरिकी बाजार में भारतीय निर्यात कई गुना बढ़ सकता है।
द्वारका जेम्स लिमिटेड के सीएमडी कृष्ण बिहारी गोयल ने बताया कि पहले 50 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ से कारोबार ठप हो गया था, खासकर एमएसएमई प्रभावित हुए। अब यह बाजार पूरी तरह खुल गया है, जिससे चीन और थाईलैंड जैसे प्रतिद्वंद्वियों को कड़ी चुनौती मिलेगी।
गोयल ने कहा कि यह क्षेत्र देश की विदेशी मुद्रा का प्रमुख स्रोत है। बढ़ते निर्यात से समूची अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा। छोटे-बड़े सभी व्यापारियों को अपार लाभ होगा।
ऑल इंडिया जेम एंड ज्वेलरी डोमेस्टिक काउंसिल के अविनाश गुप्ता ने जोर देकर कहा कि कटिंग और पॉलिशिंग उद्योग को विशेष फायदा होगा। पिछले नुकसानों की भरपाई दो वर्षों में हो जाएगी और उससे कहीं अधिक लाभ मिलेगा।
किरण जेम्स के दिनेश लखानी ने बताया कि भारत के 50 प्रतिशत से अधिक निर्यात अमेरिका को जाते हैं। ऊंचे टैरिफ से रुका कारोबार अब पटरी पर लौटेगा। अमेरिकी ज्वेलर्स अब खुलकर भारतीय उत्पाद खरीद सकेंगे।
यह समझौता क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, जिससे भारत वैश्विक रत्न व्यापार में अग्रणी बनेगा।