
दिल्ली के एम्स ने वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है। ब्रांड फाइनेंस की 2026 ग्लोबल टॉप 250 हॉस्पिटल्स रिपोर्ट में ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स) को छठा स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र की प्रगति को चमकाती है, जहां एम्स जॉन्स हॉपकिंस और ऑक्सफोर्ड जैसे शीर्ष संस्थानों के साथ कंधे से कंधा मिला रहा है।
रिपोर्ट में एम्स का ब्रांड स्ट्रेंथ इंडेक्स 79.9 रहा, जो इसकी विश्वसनीयता दर्शाता है। रिसर्च में 79.4 का स्कोर वैज्ञानिक कार्यों की गुणवत्ता और निरंतरता को प्रमाणित करता है। वहीं, केयर स्कोर 76.1 जटिल उपचारों और व्यापक रोगी सेवा की क्षमता को रेखांकित करता है।
यह रैंकिंग 500 से अधिक मेडिकल सेंटर्स के विश्लेषण, 2500 स्वास्थ्य पेशेवरों की राय और 30 से ज्यादा पैमानों पर आधारित है। दक्षिण एशिया में एम्स को सबसे मजबूत ब्रांड चुना गया। 5 फरवरी 2026 को लंदन स्टॉक एक्सचेंज में जारी यह रिपोर्ट स्वास्थ्य जगत के लिए मील का पत्थर है।
एम्स के निदेशक और टीम ने इसे सामूहिक प्रयास का फल बताया। इलाज, अनुसंधान और शिक्षा में उत्कृष्टता ही संस्थान का मूलमंत्र है। सरकारी संस्थान के रूप में यह सफलता भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य तंत्र की क्षमता को वैश्विक पटल पर स्थापित करती है।
टाटा मेमोरियल सेंटर मुंबई को 13वां स्थान मिला, जिससे भारत के दो संस्थान शीर्ष सूची में हैं। यह प्रेरणा स्रोत मेडिकल रिसर्च और रोगी देखभाल को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।