
बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले संसदीय चुनाव और संवैधानिक सुधारों पर जनमत संग्रह की तैयारी जोरों पर है। चुनाव आयोग ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है जिसमें पोलिंग स्टेशन के 400 यार्ड के दायरे में मोबाइल फोन ले जाना और उपयोग करना पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है। यह फैसला वरिष्ठ सहायक सचिव एमडी शाहिदुल इस्लाम के हस्ताक्षरित पत्र के माध्यम से रिटर्निंग अधिकारियों तक पहुंचाया गया।
सोमवार को चुनाव प्रचार का अंतिम दिन था और अब अंतिम तैयारियां चल रही हैं। आयोग के अनुसार, केवल प्रेसिडिंग अधिकारी, स्टेशन पर सुरक्षा प्रभारी पुलिस अधिकारी और ‘इलेक्शन सिक्योरिटी 2026’ ऐप के लिए नियुक्त दो अंसार सदस्य ही मोबाइल ले जा सकेंगे। उम्मीदवारों, पत्रकारों या मतदाताओं को यह अनुमति नहीं होगी।
यह निर्देश ढाका, चटगांव, खुलना के मंडलीय आयुक्तों, सभी 64 जिलों के उपायुक्तों समेत 69 अधिकारियों को भेजा गया है। पिछले साल दिसंबर में घोषित यह चुनाव महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के मुद्दे को भी उजागर कर रहा है। आयोग के आंकड़ों से पता चलता है कि महिला उम्मीदवारों की संख्या बेहद कम है।
निर्दलीय महिला प्रत्याशी धमकियों, साइबर बुलिंग और चरित्र हनन का शिकार हो रही हैं। ढाका-19 से नेशनल सिटिजन पार्टी की दिलशाना पारुल ने बताया कि उन्हें हेडस्कार्फ पहनने को लेकर लगातार ट्रोलिंग का सामना करना पड़ रहा है। ‘विरोधी समर्थक ही नहीं, खुद को प्रगतिशील बताने वाले भी इसमें शामिल हैं,’ उन्होंने कहा। उनके कार्यकर्ताओं को शारीरिक नुकसान की धमकियां भी मिली हैं।
पारुल ने कहा कि पुरुष नेताओं पर नीतियों की आलोचना होती है, जबकि महिलाओं का चरित्र निशाना बनाया जाता है। फिर भी, वे क्षेत्र के विकास पर ध्यान केंद्रित करती रहेंगी। यह चुनाव न केवल लोकतंत्र की परीक्षा है बल्कि महिलाओं की राजनीतिक आवाज को मजबूत करने का अवसर भी। मोबाइल प्रतिबंध से मतदान प्रक्रिया सुरक्षित होगी, लेकिन लिंग आधारित हिंसा रोकना जरूरी है।