
रक्त समूह केवल आपातकालीन रक्तदान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों के खतरे का भी संकेत दे सकता है। वैज्ञानिक अध्ययनों से साबित हुआ है कि ब्लड ग्रुप ओ वाले लोगों को पेट और अग्न्याशय के कैंसर से सबसे कम खतरा होता है।
बीएमसी कैंसर जर्नल में 2019 की एक रिपोर्ट के अनुसार, ए और एबी ब्लड ग्रुप वालों में गैस्ट्रिक कैंसर का जोखिम क्रमशः 13-19% और 18% अधिक पाया गया। ये आंकड़े कई अध्ययनों के विश्लेषण पर आधारित हैं।
2009 में डाना-फार्बर कैंसर संस्थान के शोध ने पैनक्रियाटिक कैंसर पर प्रकाश डाला। नर्स हेल्थ स्टडी और हेल्थ प्रोफेशनल्स फॉलो-अप जैसे बड़े डेटा से ए ग्रुप में 32% और एबी में 51% अधिक जोखिम सामने आया। वहीं, ओ ग्रुप में कुल कैंसर 16% कम हुआ।
कारण? ए ग्रुप वाले हेलिकोबैक्टर पाइलोरी बैक्टीरिया से अधिक प्रभावित होते हैं, जो पेट कैंसर का प्रमुख कारण है। ब्लड एंटीजन सूजन, इम्यून प्रतिक्रिया और पेट के अम्ल स्तर को प्रभावित करते हैं।
विशेषज्ञ चेताते हैं कि ब्लड ग्रुप अकेला कारण नहीं। धूम्रपान, शराब, खराब भोजन, मोटापा और संक्रमण मुख्य कारक हैं, खासकर एशिया व लैटिन अमेरिका में।
सलाह साफ है: स्वस्थ आहार, व्यायाम, तंबाकू त्याग और नियमित जांच अपनाएं। ये कदम कैंसर के खतरे को काफी हद तक कम कर देंगे।