
मुंबई/जयपुर। भारत और अमेरिका के बीच हालिया व्यापार समझौते ने रत्न एवं आभूषण उद्योग को उत्साह से भर दिया है। कारोबारी इसे ऐतिहासिक बताते हुए कह रहे हैं कि इससे उच्च मूल्यवान अमेरिकी बाजार के द्वार खुलेंगे और निर्यात में तेजी आएगी।
किरण जेम्स के दिनेश लखानी ने कहा कि यह सौदा दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत करेगा। ऊंचे टैरिफ से प्रभावित निर्यात अब रफ्तार पकड़ेगा। भारत के आधे से ज्यादा रत्न-आभूषण अमेरिका जाते हैं, लेकिन पिछले साल टैरिफ बाधा बने। अब अमेरिकी टैरिफ शून्य होने से बड़े बाजार का रास्ता साफ है।
अमेरिकी ज्वेलर्स अब भारत से खुलकर सामान मंगाएंगे। लखानी ने बताया कि भारत अब सिर्फ सर्विस अर्थव्यवस्था नहीं, यूके-ईयू समझौतों से वैश्विक स्थिति मजबूत हुई। यह विकसित भारत 2047 के सपने को साकार करेगा। पिछले डेढ़ साल की तुलना में अमेरिकी निर्यात दोगुना होने की उम्मीद।
जयपुर के संभवन जेम्स चेयरमैन राजीव जैन ने कहा कि शुल्क राहत निर्यातकों के लिए वरदान। अमेरिका सबसे बड़ा बाजार है। ऊंचे शुल्कों का झटका लग चुका था, अब सरकार व पीएम मोदी का आभार।
यह समझौता क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, रोजगार बढ़ाएगा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा मजबूत करेगा।