
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया मलेशिया दौरे पर वहां के प्रतिनिधि सभा सदस्य एम. कुलसेगरन ने उनकी मुलाकात को बेहद फायदेमंद और मजेदार करार दिया। दो दिवसीय यात्रा के दौरान मोदी ने मलेशियाई नेताओं से गहन चर्चा की, जिसमें द्विपक्षीय मुद्दों पर जोर रहा।
कुलसेगरन ने कहा कि उन्होंने कौशल प्रशिक्षण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बिग डेटा, चंद्रयान मिशन और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भारत की विशेषज्ञता साझा करने का आग्रह किया। पीएम मोदी ने इन बिंदुओं पर विचार करने और मलेशिया में रहने वाले भारतीयों की सहायता का भरोसा दिलाया। ‘यह सहयोग हमारी प्रगति के लिए जरूरी है,’ उन्होंने कहा।
केवल 15 सांसदों, सीनेटरों, मंत्रियों और उपमंत्रियों के साथ सीमित बैठक को कुलसेगरन ने सराहा। उन्होंने मोदी की सहजता और ईमानदारी की तारीफ की, जो वैश्विक बदलाव लाने वाले दूरदर्शी नेता हैं। ‘दुनिया को मजबूत बनाने और शांति स्थापित करने का यही तरीका है।’
आतंकवाद पर मोदी की जीरो टॉलरेंस नीति का समर्थन करते हुए कुलसेगरन ने चेतावनी दी कि किसी भी देश को इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ‘यह सीमा पार करता है और घरेलू खतरा बन सकता है। भारत-मलेशिया सहित सभी देशों को एकजुट होकर इसे रोका चाहिए।’
यह मुलाकात दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का प्रतीक है, जो प्रौद्योगिकी, सुरक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में नई संभावनाएं खोलेगी।