
हवाना में अमेरिकी नाकेबंदी के आरोपों के बीच क्यूबा ने एक बड़ा कदम उठाया है। सभी एयरलाइंस को सूचित किया गया है कि अगले एक महीने तक देश के हवाई अड्डों पर जेट ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह बंद रहेगी। वेनेजुएला से तेल की आपूर्ति रोकने के कारण यह फैसला लिया गया है, जिससे लंबी दूरी की उड़ानों को विदेशों में ईंधन भरना पड़ेगा।
सोमवार आधी रात से यह रोक प्रभावी हो जाएगी, जो क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों उड़ानों पर लागू होगी। एयर फ्रांस जैसे वाहकों ने कैरेबियन क्षेत्र में वैकल्पिक रिफ्यूलिंग की पुष्टि की है, जबकि अन्य कैनकन, पुंटा काना या नासाउ जैसे हublों पर निर्भर होंगे। इससे परिचालन में देरी और खर्च बढ़ेगा।
सप्ताह में लगभग 400 उड़ानें प्रभावित हो रही हैं, जो क्यूबा की वैश्विक हवाई सेवाओं पर भारी दबाव डाल रही हैं। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वेनेजुएला से तेल बंद होने से यह संकट गहराया है। बिजली संकट के कारण देशव्यापी ब्लैकआउट का खतरा मंडरा रहा है, इसलिए हवाना ने काम के घंटे कम करने, परिवहन घटाने, ईंधन पर पाबंदी और पर्यटन सीमित करने जैसे कदम उठाए हैं।
एविएशन अधिकारियों ने विदेशी एयरलाइंस को स्पष्ट संदेश दिया कि हवाई अड्डों पर एविएशन फ्यूल उपलब्ध नहीं होगा। इसी बीच अमेरिका ने क्यूबा के लिए 6 मिलियन डॉलर की सहायता की घोषणा की, लेकिन राष्ट्रपति मिगुएल डियाज-कैनेल ने इसे ‘एनर्जी नाकेबंदी’ करार दिया। उन्होंने ट्रंप की धमकियों का हवाला देते हुए कहा कि क्यूबा के खिलाफ मनोवैज्ञानिक युद्ध चल रहा है।
यह कदम क्यूबा की ऊर्जा निर्भरता को उजागर करता है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर असर पड़ने से पर्यटन और अर्थव्यवस्था प्रभावित होगी, जबकि अमेरिका के साथ तनाव चरम पर है।