
भारत और नेपाल के बीच रक्षा संबंधों को नई ऊंचाई देने के लिए भारतीय सेना ने नेपाल की सेना को 50 सैन्य उपयोगी वाहन भेंट किए हैं। ये वाहन विशेष रूप से भारत-नेपाल सीमा क्षेत्रों में उपयोग के लिए तैयार किए गए हैं, जो नेपाल सेना की कार्यक्षमता को बढ़ाएंगे।
सोमवार को भारतीय सेना ने इसकी आधिकारिक घोषणा की। काठमांडू में एक भव्य समारोह में भारत के राजदूत इन वाहनों का औपचारिक हस्तांतरण करेंगे। यह कदम दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सैन्य सहयोग को और सुदृढ़ करता है। नेपाल सेना की क्षमता वृद्धि के प्रति भारत की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से झलकती है।
दोनों राष्ट्रों के ऐतिहासिक-सांस्कृतिक बंधन रक्षा क्षेत्र में मजबूत सहयोग का आधार हैं। संयुक्त अभ्यास, प्रशिक्षण कार्यक्रम, उपकरण सहायता और मानवीय सहयोग इन संबंधों के प्रमुख आयाम हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए दोनों की संयुक्त इच्छाशक्ति को प्रदर्शित करती है।
हाल ही दिसंबर में ‘सूर्य किरण’ संयुक्त अभ्यास आयोजित हुआ था। इसमें बादल फटने, बाढ़, भूकंप से ध्वस्त भवनों और नदी की तेज धाराओं में फंसे लोगों के उद्धार की ट्रेनिंग दी गई। एनडीआरएफ विशेषज्ञों ने उन्नत बचाव तकनीकों का प्रदर्शन किया, जिसमें संरचनात्मक खोज, नदी बचाव और आपदा प्रबंधन शामिल थे।
यह वाहन हस्तांतरण मैत्रीपूर्ण संबंधों को और गहरा करेगा, दोनों सेनाओं को共同 चुनौतियों से निपटने में सक्षम बनाएगा।