
वॉशिंगटन में इमिग्रेशन प्रवर्तन और चुनाव नियमों को लेकर राजनीतिक तनाव चरम पर है। हाउस डेमोक्रेटिक नेता हकीम जेफ्रीज ने सीएनएन के कार्यक्रम में कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि आक्रामक संघीय कार्रवाइयां नागरिक स्वतंत्रताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर कर सकती हैं, खासकर नवंबर के चुनावों से ठीक पहले।
जेफ्रीज ने गृह सुरक्षा विभाग के लिए फंडिंग रोकने का ऐलान किया जब तक रिपब्लिकन आईसीई में व्यापक सुधारों पर सहमत न हों। उन्होंने कहा कि टैक्सपेयर्स का पैसा अमेरिकियों की जिंदगी आसान बनाने में लगना चाहिए, न कि रेनी निकोल गुड या एलेक्स प्रीटी जैसे नागरिकों पर अत्याचार करने में।
डेमोक्रेट्स की मांगों में एजेंटों के लिए बॉडी कैमरा अनिवार्य करना, मास्क पर प्रतिबंध, निजी संपत्ति की तलाशी से पहले वारंट और राज्य-स्तरीय जांच की क्षमता शामिल है। जेफ्रीज ने जोर देकर कहा कि घरों में बिना वारंट धावा बोलना अस्वीकार्य है।
डीएचएस फंडिंग की समय सीमा पांच दिन दूर है, जिससे आंशिक शटडाउन का खतरा मंडरा रहा है। जेफ्रीज ने माना कि आईसीई को पहले से पर्याप्त फंड मिल चुका है, लेकिन सुधार ही व्यवहार बदलने का रास्ता है। उन्होंने रिपब्लिकन को जिम्मेदारी सौंपी।
ट्रंप की चुनावों को राष्ट्रीयकरण और नागरिकता प्रमाण की मांग का जेफ्रीज ने विरोध किया, इसे वोटर दमन करार दिया। ओबामा दंपति पर नस्लीय वीडियो और इंफ्रास्ट्रक्चर पर नाम बदलने की कोशिश की भी कड़ी निंदा की। यह राजनीतिक जंग लोकतंत्र की परीक्षा बन गई है।