
नई दिल्ली, 9 फरवरी। ‘परीक्षा पे चर्चा’ कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के साथ संवाद किया और आदिवासी समाज की देश की प्रगति में भूमिका पर जोर दिया। गुजरात के छात्रों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि देश का विकास आदिवासी भाइयों-बहनों के कारण ही संभव हुआ है। पर्यावरण की रक्षा में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
आदिवासी प्रकृति पूजक हैं और देश की सेना में उनकी अच्छी-खासी भागीदारी है। प्रधानमंत्री ने महिला क्रिकेट विश्व कप विजेता टीम का जिक्र किया और मध्य प्रदेश की आदिवासी खिलाड़ी क्रांति गौड़ की सराहना की। उन्होंने कहा कि खेलों में आदिवासी युवा कमाल कर रहे हैं।
कई खिलाड़ी आदिवासी समाज से हैं जिन्होंने देश का मान बढ़ाया। प्रधानमंत्री ने हुनर को तकनीक से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि हमें नौकरी के पीछे ही भागना नहीं चाहिए। ऐसा सपना देखें जिसके लिए हम जीवन खुद गढ़ें।
गुजरात के मुख्यमंत्री रहते उन्होंने आदिवासी क्षेत्रों में विज्ञान स्कूल, विश्वविद्यालय और हाईवे बनवाए। परीक्षा तनाव पर बात करते हुए कहा कि पुरानी परीक्षाओं को याद करें, तनाव बाद में गायब हो जाता है। लिखने की आदत डालें।
रिलैक्स रहें, हंसें, पर्याप्त नींद लें। सपनों के लिए जिएं। मेहनत करें, सफलता खुद चिल्लाएगी। गुजरात के आदिवासी छात्रों ने सांस्कृतिक प्रदर्शन किए और भगवान बिरसा मुंडा का चित्र भेंट किया, जिसकी प्रधानमंत्री ने प्रशंसा की।