
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में ‘परीक्षा पे चर्चा’ के नौवें संस्करण के दूसरे एपिसोड में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छात्रों के साथ दिल खोलकर बातचीत की। उन्होंने जोर देकर कहा कि जीवन में सफलता पाने या नेतृत्व करने के लिए सबसे पहले निडरता जरूरी है।
कार्यक्रम की शुरुआत ‘जय जोहार’ से हुई। स्थानीय खुरमी का स्वाद लेने के साथ-साथ पीएम ने इसे सबके साथ बांटा भी। छात्रों ने बिना हिचकिचाहट सवाल किए।
परीक्षा के बाद घूमने पर पीएम ने सलाह दी कि पहले आसपास की जगहों से शुरुआत करें। तहसील, जिला, राज्य की अनदेखी जगहों की लिस्ट बनाएं। ट्रेन से सफर करें, घर का खाना ले जाएं और आम लोगों के बीच रहें। भारत की विविधता अनंत है।
परीक्षा तनाव पर उन्होंने कहा कि पढ़ा हुआ व्यर्थ नहीं जाता। शांत होकर प्रश्नपत्र देखें। पढ़ाई को खेल से जोड़ें, अभ्यास से मजबूत बनें। कमजोर विषय में दोस्त को पढ़ाएं, खुद मजबूत हो जाएंगे।
शिक्षा और खेल का संतुलन जरूरी। दोनों में उत्कृष्ट हों। पर्यावरण के लिए छोटे कदम जैसे नल बंद रखना, बचा पानी पौधों में डालना अपनाएं।
नेतृत्व पर: निडर बनें, ‘मैं करूंगा’ की सोच रखें। इससे नेतृत्व स्वाभाविक विकसित होता है।
कार्यक्रम जीवन के हर पहलू पर चर्चा का मंच है। छात्रों की जागरूकता प्रभावित करती है। बच्चे उत्साहित, इसे सपना साकार बता रहे हैं।