
कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच में 22 से 25 अप्रैल 2026 को होने वाले ग्लोबल पैन-आईआईटी सम्मेलन में दुनिया भर से 2500 से अधिक आईआईटी पूर्व छात्र, उद्यमी और नेता एकत्र होंगे। ‘इनोवेट, इग्नाइट एंड थ्राइव’ थीम पर आधारित यह चार दिवसीय आयोजन भारतीय मूल के तकनीक विशेषज्ञों की उस भूमिका पर प्रकाश डालेगा, जो भारत और अमेरिका में नवाचार, निवेश और सार्वजनिक जीवन को नया आकार दे रही है।
वेंचर कैपिटलिस्ट और आयोजन चेयरपर्सन शशि त्रिपाठी ने बताया कि बदलते तकनीकी, भू-राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य में यह मंच दुनिया के सर्वश्रेष्ठ दिमागों को एकजुट करेगा। छह मुख्य भाषण, पैनल चर्चाएं, फायरसाइड चैट्स और वर्कशॉप्स में एनवीडिया का सत्र स्टार्टअप फंडिंग और बाजार रणनीतियों पर केंद्रित होगा।
एआई, स्वास्थ्य, स्थिरता, वेंचर कैपिटल, प्राइवेट इक्विटी और एग्जिट प्लानिंग जैसे विषय वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों और अवसरों को रेखांकित करेंगे। त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन पूर्ण रूप से समावेशी है- आईआईटी या भारतीय मूल का होना आवश्यक नहीं। उन्होंने कहा, ‘अमेरिकी आबादी का मात्र 2 प्रतिशत होने पर भी भारतीय समुदाय अर्थव्यवस्था में 8 प्रतिशत योगदान दे रहा है।’
सिलिकॉन वैली से स्वास्थ्य, स्टार्टअप और नेतृत्व तक फैले इस समुदाय ने ब्रेन ड्रेन की धारणा को चुनौती दी है। त्रिपाठी ने जोर दिया कि अमेरिका में बसे भारतीय इकोसिस्टम से गहराई से जुड़े हैं- रेमिटेंस से आगे बढ़कर स्टार्टअप्स और निवेश के जरिए। उनका 50 प्रतिशत पोर्टफोलियो भारत पर केंद्रित है।
एआई को इंटरनेट से बड़ी क्रांति बताते हुए त्रिपाठी बोले, ‘इसकी पहुंच तत्काल है, सीखने की जरूरत नहीं।’ नौकरियों पर संकट की आशंका को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि अनुकूलन न करने वालों का ही नुकसान होगा, नई तकनीक अवसर बढ़ाएगी। भारत-अमेरिका एआई में प्राकृतिक साझेदार हैं- अमेरिका का नवाचार और भारत का डिजिटल पैमाना मिलकर भविष्य की शक्ति बनेगा। यह सम्मेलन दोनों देशों के संबंधों को नई ऊंचाई देगा।