
आज की भागमभाग भरी जिंदगी में गैजेट्स पर बढ़ती लत ने अनिद्रा को आम बना दिया है। दिन भर की थकान होने के बावजूद रात को नींद न आने की शिकायत लाखों लोगों की बन चुकी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह है कि सोने से कम से कम एक घंटा पहले सभी स्क्रीन बंद कर दें।
मोबाइल, लैपटॉप या टीवी से निकलने वाली नीली रोशनी मस्तिष्क को सक्रिय रखती है। यह मेलाटोनिन हार्मोन को रोकती है, जो नींद का मुख्य नियंत्रक है। परिणामस्वरूप नींद में देरी, बार-बार जागना और सुबह थकान व चिड़चिड़ापन महसूस होता है।
यह आदत लंबे समय में इम्यूनिटी कमजोर कर देती है, एकाग्रता भटकाती है, मोटापा बढ़ाती है और हृदय रोगों का खतरा पैदा करती है। स्क्रीन से दूरी बनाना गहरी नींद पाने का सबसे सरल उपाय है।
शाम को शांतिपूर्ण काम अपनाएं- किताब पढ़ें, हल्का संगीत सुनें, गहरी सांस लें, परिवार से गपशप करें या हल्की स्ट्रेचिंग करें। ये मन को सुकून देते हैं और शरीर को विश्राम के लिए तैयार करते हैं।
सोने का समय निश्चित रखें, कमरा अंधेरा-ठंडा बनाएं, रात में चाय-कॉफी या भारी खाना न लें। हर उम्र के लिए 7-8 घंटे की नींद जरूरी है, खासकर युवाओं और बच्चों के लिए जो स्क्रीन की चपेट में हैं। आज से बदलाव शुरू करें, चैन की नींद आपकी होगी।