
नई दिल्ली। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश के 83,000 से ज्यादा स्कूलों में पढ़ने वाले 1 करोड़ से अधिक बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। यह मिशन सितंबर 2024 में शुरू हुआ था और आईटी मंत्रालय ने इसे रविवार को घोषित किया।
यूडीआईएसई+ ऐप के साथ तकनीकी एकीकरण ने इस अभियान को गति दी। स्कूलों को बच्चों के अपडेट की स्थिति तुरंत पता चलने लगी, जिससे बाकी मामलों की आसान पहचान हुई। विशेष कैंप आयोजित कर बायोमेट्रिक्स अपडेट किए गए।
5 साल से कम उम्र के बच्चों का आधार केवल फोटो, नाम, जन्मतिथि आदि से बनता है, क्योंकि फिंगरप्रिंट और आईरिस विकसित नहीं होते। 5 और 15 साल की उम्र में ये अपडेट जरूरी हैं, वरना सरकारी योजनाओं या एनईईटी-जेईई जैसी परीक्षाओं में समस्या हो सकती है।
प्रोत्साहन के लिए 7-15 साल वालों का शुल्क 1 अक्टूबर 2024 से एक साल माफ। 5-7 और 15-17 साल के लिए पहले से निःशुल्क। आधार केंद्रों पर भी 1.3 करोड़ अपडेट हुए।
सीईओ भुवनेश कुमार ने मुख्य सचिवों को पत्र लिख सहयोग मांगा। 8 क्षेत्रीय कार्यालयों ने शिक्षा विभागों के साथ मिलकर 5 माह में यह लक्ष्य हासिल किया। अभियान सभी स्कूलों को कवर करने तक जारी रहेगा।