
बलूचिस्तान में पाकिस्तानी दमन के खिलाफ बढ़ते विद्रोह के बीच बलोच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने अपने सात दिवसीय अभियान ‘ऑपरेशन हेरोफ-2’ के सफल समापन की घोषणा की है। संगठन ने दावा किया कि सभी लक्ष्य हासिल हो गए हैं।
बीएलए के आधिकारिक बयान में बताया गया कि बलोच योद्धाओं ने 14 से अधिक शहरों में एक साथ हमले बोले, जिसमें सुरक्षा चौकियां, सैन्य अड्डे और शहरी क्षेत्र शामिल थे। यह अभियान संगठन के इतिहास का सबसे विशाल और संगठित हमला माना जा रहा है।
प्रवक्ता जीयंद बलोच के अनुसार, कई जगहों पर लड़ाकों ने छह दिनों तक कब्जा बनाए रखा, जिससे पाक बलों को पीछे हटना पड़ा। बीएलए का कहना है कि 362 से ज्यादा पाकिस्तानी जवान मारे गए, जिनमें सेना, फ्रंटियर कोर, पुलिस और राज्य प्रायोजित गुट शामिल हैं।
17 सुरक्षा कर्मियों को हिरासत में ले लिया गया, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया। बाकी पर युद्ध अपराधों का मुकदमा चलेगा। अभियान के उद्देश्य थे- शहरी हमलों की क्षमता दिखाना, जनता में सामूहिक विश्वास जगाना और पाक प्रभुत्व को चुनौती देना।
रक्तरंजक घटनाओं और गायब करने की पृष्ठभूमि में यह घटना बलूचिस्तान के संघर्ष को नई ऊंचाई देती है। भविष्य में ऐसे अभियानों की आशंका बनी हुई है।