
मुंबई में निरज पांडे की फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। समाज के विभिन्न वर्गों से विरोध की लहर उठी है, जिसके चलते फिल्म का सारा प्रचार सामग्री ओटीटी प्लेटफॉर्म्स से हटा ली गई है।
फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज के अध्यक्ष बीएन तिवारी ने भी इस फिल्म का पुरजोर विरोध जताया है। उन्होंने ओटीटी प्लेटफॉर्म्स को सेंसरशिप लागू करने की नसीहत दी। तिवारी ने कहा कि फिल्म का टाइटल ब्राह्मण समाज को निशाना बनाता है और पूरे समुदाय को बदनाम करने की कोशिश करता है। ‘ऐसी सामग्री स्वीकार नहीं की जा सकती। जरूरत पड़ी तो कड़े कदम उठाए जाएंगे।’
रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर हुई गोलीबारी पर भी तिवारी ने चिंता जताई। ‘सलमान खान को बार-बार धमकियां दी गईं, इसका कारण आज तक स्पष्ट नहीं। अब जुहू जैसे सुरक्षित इलाके में हमला? मुंबई पुलिस फेल हो रही है। सरकार चुनाव की बात करे या सुरक्षा की?’
तिवारी ने बताया कि फेडरेशन कलाकारों की सुरक्षा के लिए श्रम मंत्री से जल्द मुलाकात करेगा। ‘सोशल मीडिया के जमाने में ओटीटी को विवादास्पद कंटेंट की जांच करनी चाहिए। फिल्ममेकर्स को जिम्मेदारी निभानी होगी।’
यह विवाद बॉलीवुड में सांस्कृतिक संवेदनशीलता और सुरक्षा के मुद्दों को उजागर कर रहा है। फेडरेशन का रुख ओटीटी कंटेंट पर नई व्यवस्था ला सकता है।