
मुंबई में शनिवार को ‘बोनसाई ब्लॉसम्स-2026’ के उद्घाटन में बॉलीवुड और साउथ की चहेती अभिनेत्री तमन्ना भाटिया ने जीवन की सच्ची सीख पर रोशनी डाली। अभिनय के साथ-साथ अपने गहन विचारों के लिए मशहूर तमन्ना ने मंच से कहा कि वास्तविक ज्ञान स्कूल की चारदीवारी से परे है।
‘स्कूल हमें आधार देता है, लेकिन जीवन ही असली गुरुकुल है,’ उन्होंने जोर देकर कहा। ‘हर रोज नई चुनौतियां, अनुभव और मुलाकातें हमें कुछ न कुछ सिखाती रहती हैं।’
इस तरह के आयोजनों को उन्होंने जीवन शिक्षा का अभिन्न अंग बताया। ‘पहली बार बोनसाई ब्लॉसम्स में शामिल हुई हूं। आयोजकों का शुक्रिया, यहां विभिन्न लोगों के अनुभव सुनना बेहद प्रेरणादायक है।’
तमन्ना ने मात्र 13 साल की उम्र में ‘चांद सा रोशन चेहरा’ से सफर शुरू किया। तेलुगु की ‘हैप्पी डेज’ और तमिल फिल्मों जैसे ‘कलूरी’, ‘कंदन कधलाई’, ‘पैय्या’ से साउथ में पहचान बनाई।
‘बाहुबली’ सीरीज में अवंतिका बनीं, जिसने बॉक्स ऑफिस के रिकॉर्ड तोड़े और उन्हें पूरे देश में स्टार बना दिया।
हिंदी में वापसी के साथ ‘हिम्मतवाला’, ‘एंटरटेनमेंट’, ‘स्ट्रीट डांसर 3डी’, ‘बबली बाउंसर’ और ‘लस्ट स्टोरीज 2’ में विविध भूमिकाएं निभाईं।
तमन्ना का यह दृष्टिकोण हमें याद दिलाता है कि जीवन के उतार-चढ़ाव ही सबसे बड़े शिक्षक हैं। उनकी बातें हर उम्र के लोगों के लिए प्रासंगिक हैं।