
क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में 8 फरवरी 1994 का दिन हमेशा ताजा रहेगा। इसी दिन अहमदाबाद के मोटेरा स्टेडियम में कपिल देव ने अपना 432वां टेस्ट विकेट लेते हुए रिचर्ड हेडली के विश्व रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।
श्रीलंका पहले बल्लेबाजी कर रही थी। कपिल को बस एक विकेट की जरूरत थी। उन्होंने हसन तिलकरत्ने को संजय मांजरेकर के हाथों शॉर्ट लेग पर कैच कराया। स्टेडियम में हंगामा मच गया। 432 गुब्बारे आकाश में उड़ाए गए। दूरदर्शन ने प्रसारण रोककर गाना चलाया- ‘हकीकत है ये ख्वाब नहीं, कपिल देव का जवाब नहीं।’ फैंस करीब एक मिनट तक तालियां बजाते रहे।
भारत ने मैच पारी और 17 रन से जीता। श्रीलंका की पहली पारी 119 पर सिमटी। वेंकटपति राजू ने 5-38 और राजेश चौहान ने 3-8 विकेट लिए। प्रमोद्या विक्रमसिंघे ने 22 रन बनाए।
भारत ने 358 रन बनाए। अजहरुद्दीन के 152 रनों ने लीड दिलाई, कांबली ने 57 जोड़े। मुरलीधरन और डी सिल्वा ने 3-3 विकेट लिए।
दूसरी पारी में श्रीलंका 222 पर ऑलआउट। महानामा 63, तिलकरत्ने 40। राजू ने 6-87, चौहान 3 विकेट लिए।
1983 वर्ल्ड कप विजेता कप्तान कपिल के नाम 434 टेस्ट, 253 वनडे विकेट और 9000+ रन। उन्हें अर्जुन (1979-80), पद्मश्री (1982), पद्मभूषण (1991) मिले।