
पुणे के मुंढवा इलाके में कोयता गैंग की दहशतगर्दी ने व्यापारियों में खौफ पैदा कर दिया था, लेकिन पुलिस की फटाफट कार्रवाई ने मुख्य आरोपी राजरत्न कुलदीप खरे सहित चार लोगों को दबोच लिया। यह वारदात 31 जनवरी 2026 की रात करीब साढ़े नौ बजे बीटी कवड़े रोड, घोरपड़ी पर हुई, जहां बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने लोहे के सरिये और कोयतों से दुकानों पर हमला बोल दिया।
छह से ज्यादा दुकानों के शटर तोड़े गए, कांच के फर्श चूर-चूर हो गए और सामान बिखर गया। आसपास की गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। सीसीटीवी फुटेज वायरल होते ही मुंढवा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। अपराध नंबर 27/2026 में बीएनएस की धारा 324(4), 351(3) समेत कई धाराएं लगाई गईं।
मुख्य आरोपी 20 वर्षीय राजरत्न खरे भीमनगर की एसआरए बिल्डिंग का रहने वाला है। उसके तीन साथी नाबालिग हैं, जो कानूनी पचड़े में फंसे हुए हैं। पुलिस को शक है कि ये कोयता गैंग का हिस्सा हैं, जो पुणे में लगातार ऐसी वारदातें कर रहे हैं।
अपर सीपी मनोज पाटील, डीसीपी राजकुमार शिंदे और एसीपी अतुलकुमार नवगिरे के निर्देश पर पीआई स्मिता वासनिक की अगुवाई में टीम ने सफलता हासिल की। एपीआई गणेश पिंगुवाले, पीएसआई युवराज पोमण समेत पुलिसकर्मियों ने सराहनीय भूमिका निभाई।
पुणे पुलिस ने गुंडों के खिलाफ सख्ती का भरोसा दिलाया है। सीसीटीवी बढ़ाए जा रहे हैं और रात के पहरों को मजबूत किया जा रहा। स्थानीय दुकानदारों ने पुलिस का धन्यवाद किया, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं रोकने की मांग की।