
जीभ पर चढ़ी सफेद या पीली परत को हल्के में न लें। आयुर्वेद में यह आम के जमाव का स्पष्ट संकेत है, जो शरीर की आंतरिक कमजोरी को जन्म देता है। आम वह विषैला पदार्थ है जो अपच से पैदा होता है और पेट से लेकर खून तक फैल जाता है।
डॉक्टर हमेशा जीभ जांचते हैं क्योंकि यह बुखार, पाचन दोष या गंभीर रोगों की ओर इशारा करती है। सुबह उठते ही जीभ सफेद दिखे तो समझें कि मेटाबॉलिज्म कमजोर हो गया है। खाना पचने की बजाय सड़ रहा है, जिससे कब्ज, गैस, दर्द जैसी परेशानियां बढ़ती हैं। लंबे समय में यह गठिया, मधुमेह, हृदय रोग जैसी बीमारियों को न्योता देता है।
आम दूर करने के सरल आयुर्वेदिक उपाय अपनाएं। सबसे आसान है इंटरमिटेंट फास्टिंग। शाम 6-7 बजे तक डिनर कर लें, अगले दिन 10-11 बजे नाश्ता करें। बीच में गुनगुना पानी या हर्बल टी लें। इससे पेट पूरी तरह साफ हो जाता है।
जीरा, धनिया, सौंफ का काढ़ा बनाएं। बराबर मात्रा उबालकर दिन भर थोड़ा-थोड़ा पिएं। यह शरीर के रुकावटें दूर कर विषाक्त पदार्थ बाहर फेंकता है।
योग की अग्निसार क्रिया चमत्कारी है। खाली पेट पेट को अंदर की ओर खींचें-छोड़ें। इससे जमा आम पिघलने लगता है।
ठंडा पानी न पिएं, सिर्फ गुनगुना लें। यह कब्ज भागाता है और टॉक्सिन्स घोलता है। जीभ के संकेत सुनें, स्वास्थ्यを守ें।