
भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते ने देश के किसानों और डेयरी क्षेत्र को मजबूत सुरक्षा प्रदान की है। कांग्रेस द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों के जवाब में सामने आया है कि अमेरिकी चावल, गेहूं, दूध, पनीर जैसे उत्पाद भारतीय बाजार में प्रवेश नहीं कर पाएंगे।
कपड़ा, चमड़ा, जूते, हस्तशिल्प, प्लास्टिक, रबर और होम डेकोर जैसे क्षेत्रों को फायदा होगा, जहां अमेरिका ने 50 प्रतिशत टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत किया है। इससे निर्यात बढ़ेगा और लाखों नौकरियां पैदा होंगी, खासकर महिलाओं व युवाओं के लिए।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयुष गोयल ने स्पष्ट किया कि चावल, गेहूं, मक्का, सोयाबीन, दूध, पोल्ट्री समेत उत्पाद संरक्षित हैं। डेयरी में लिक्विड मिल्क, पाउडर दूध, क्रीम, दही, मक्खन, घी, पनीर, चीज बंद।
कृषि उत्पादों में गेहूं, बाजरा, ज्वार, आलू, प्याज, सब्जियां, फल, मसाले जैसे काली मिर्च, हल्दी, जीरा पूरी तरह बाहर। इससे छोटे किसानों को सुरक्षा मिली। $300 अरब का अमेरिकी बाजार भारतीय निर्यातकों के लिए खुलेगा।
विमान पार्ट्स पर छूट और दवाओं, रत्नों पर टैरिफ कटौती से अतिरिक्त लाभ। यह समझौता आत्मनिर्भर भारत की मिसाल है।