
झारखंड में हेमंत सोरेन सरकार की मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी उपचार योजना जरूरतमंदों के लिए वरदान साबित हो रही है। झारखंड स्टेट आरोग्य सोसाइटी के कार्यकारी निदेशक की अध्यक्षता वाली शुक्रवार की बैठक में 24 आवेदनों की जांच के बाद 21 मरीजों को 5 लाख से 10 लाख रुपये तक की आर्थिक मदद स्वीकृत की गई।
कैंसर, किडनी प्रत्यारोपण, मस्तिष्क आघात जैसी जानलेवा बीमारियों से जूझ रहे ये मरीज रांची, धनबाद, जमशेदपुर के अलावा वेल्लोर व वाराणसी जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में इलाज करा रहे हैं। इस सहायता से इन्हें गुणवत्तापूर्ण उपचार समय पर मिल सकेगा, जिससे परिजनों का बोझ कम होगा।
हालांकि, डुमरिया के शेख यूनुस, खूंटी की सरोजनी हस्सा और अमड़ापाड़ा की कोमल जायसवाल के केसों में चिकित्सीय स्थिति का सत्यापन कराया जाएगा। भविष्य के सभी आवेदनों में अद्यतन मेडिकल रिपोर्ट, अस्पताल का अनुमान और सिविल सर्जन का सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है।
सरकार का यह कदम आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मजबूत स्वास्थ्य ढांचे की दिशा में महत्वपूर्ण है, जो राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।