
लखनऊ में बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती ने शनिवार को आयोजित महत्वपूर्ण प्रदेश स्तरीय बैठक में मिशन-2027 की रूपरेखा पेश की। 2007 के ऐतिहासिक मिशन की तर्ज पर उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रदेश से लेकर विधानसभा स्तर तक के सभी पदाधिकारियों ने चुनावी रणनीति, संगठन मजबूती और जमीनी स्तर की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की। मायावती ने कहा कि सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय की नीति पर आधारित सरकार बनाकर कानून का राज कायम किया जाएगा।
भाजपा सरकार पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि समाज के हर वर्ग को छोड़कर कुछ पूंजीपतियों को छोड़कर सभी दुखी हैं। ब्राह्मण समाज की उपेक्षा, असुरक्षा और असम्मान की पीड़ा अब देशव्यापी बहस का विषय है। बसपा शासनकाल में ब्राह्मणों को सम्मान, पदवी और सुरक्षा मिली, जो अन्य दलों से कहीं अधिक थी।
बसपा हमेशा सर्वसमाज को साथ लेकर चलने वाली पार्टी रही। कानून की सख्ती से सभी वर्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हुई, जिससे सामाजिक समरसता बनी। विपक्षी दलों की जातिवादी-पूंजीवादी राजनीति ने जनता को ठगा।
एससी-एसटी-ओबीसी आरक्षण पर सरकारों की नीयत खराब है, जिससे नौकरी-पदोन्नति में बाधाएं आ रही हैं। यूजीसी नियम तनाव बढ़ाते हैं। बेरोजगारी, ठेका प्रथा, शिक्षा-स्वास्थ्य की खराबी और बुनियादी सुविधाओं की दुर्दशा चिंताजनक है।
वोटर लिस्ट रिवीजन (एसआईआर) में गरीबों, महिलाओं को सहयोग की अपील की। कार्यकर्ता षड्यंत्रों का मुकाबला कर रहे, लेकिन संगठन पुनर्गठन जरूरी। संसद बजट सत्र में हंगामा जनहित मुद्दों को रोक रहा, प्रश्नकाल जरूरी।
मिशन-2027 से बसपा उत्तर प्रदेश में फिर सत्ता की कमान संभालने को तैयार।