
ला नुसिया (स्पेन), बॉक्सम एलीट इंटरनेशनल 2026 के अंतिम दिन भारतीय मुक्केबाजी ने इतिहास रच दिया। 12 खिलाड़ी फाइनल में पहुंचे, जिनमें 8 महिला और 4 पुरुष मुक्केबाज शामिल हैं। देश अब कई स्वर्ण पदकों की ओर बढ़ रहा है।
पुरुष वर्ग में सचिन (60 किलो) ने इंग्लैंड के जैक ड्राइडन को हराकर अपनी शानदार फॉर्म बरकरार रखी। महिलाओं में ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किलो) ने वेल्स की रोजी एक्लेस पर सर्वसम्मति से जीत दर्ज कर फाइनल टिकट पक्का किया।
20 देशों के 200 से अधिक मुक्केबाजों वाले इस टूर्नामेंट में भारत सबसे आगे है। कजाकिस्तान के 11, यूक्रेन के 5 और स्पेन के 4 खिलाड़ी फाइनल में हैं। महिला 54 किलो में प्रीति और पूनम के बीच भिड़ंत से भारत को गोल्ड निश्चित।
दीपक (70 किलो) ने कजाक नुरबेक मुरसल को पहले राउंड में आरएससी से धूल चटाई। आकाश (75 किलो) और अंकुश (80 किलो) ने भी कजाक प्रतिद्वंद्वियों को हराया। महिलाओं में मंजू रानी (48 किलो), नीतू (51 किलो), प्रिया (60 किलो), अरुंधति चौधरी (70 किलो) और नैना (80 किलो) ने सेमीफाइनल जीते।
सेमीफाइनल में हारने वालों ने ब्रॉन्ज जीता, जिनमें प्रांजल यादव, काजल (65 किलो), सनमाचा चानू (75 किलो), मनकीरत कौर (80+ किलो), जादुमणि सिंह (55 किलो), मोहम्मद हुसामुद्दीन (60 किलो) और हितेश गुलिया (70 किलो) शामिल।
यह प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी की ताकत दिखाता है, जो ओलंपिक के लिए मजबूत आधार तैयार कर रहा है।