
मुंबई, 6 फरवरी। नेटफ्लिक्स की प्रस्तावित फिल्म ‘घूसखोर पंडत’ ने रिलीज से पहले ही भारी विवाद खड़ा कर दिया है। फिल्म के शीर्षक को ब्राह्मण समुदाय और सनातन धर्म के अनुयायियों ने अपमानजनक बताते हुए कड़ा विरोध जताया है। केंद्रीय राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इसकी सख्त भर्त्सना की है।
सिंह ने लिखा कि यह फिल्म ब्राह्मणों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का कुत्सित प्रयास है। शीर्षक में इस्तेमाल जातिवादी और आपत्तिजनक शब्दों को उन्होंने निंदनीय करार दिया। उन्होंने योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर लखनऊ पुलिस की कार्रवाई को सराहनीय बताया।
वृंदावन के संत समाज भी सदमे में है। उन्होंने फिल्म पर पूर्ण रोक लगाने की मांग की है। संतों का कहना है कि पंडितों को संस्कारों का आधार माना जाता रहा है, फिर भी उन्हें भ्रष्ट दिखाने का यह प्रयास असहनीय है।
‘राजाओं से लेकर आमजन तक पंडितों का सम्मान करते रहे, लेकिन आज कुछ लोग उनकी छवि धूमिल कर रहे हैं,’ संतों ने कहा। उन्होंने निर्माताओं पर नाम कमाने के लिए विवाद खडे़ करने का आरोप लगाया। सरकार से तत्काल प्रतिबंध और सख्त कदम उठाने की अपील की गई है।
यह मामला मनोरंजन और धार्मिक संवेदनशीलता के बीच संतुलन पर सवाल खड़े कर रहा है।