
हरारे में खेले गए अंडर-19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भारत ने इंग्लैंड को 100 रन से करारी शिकस्त देकर छठी बार विश्व चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए भारतीय टीम ने 50 ओवरों में 9 विकेट खोकर 411 रन ठोके।
इस भारी भरकम स्कोर की नींव सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने रखी, जिन्होंने मात्र 80 गेंदों पर 15 चौकों और 15 छक्कों की मदद से 175 रनों की धमाकेदार पारी खेली। शुरुआती झटके के बाद कप्तान आयुष म्हात्रे के साथ 142 रनों की साझेदारी कर टीम को संभाला।
म्हात्रे 51 गेंदों पर 53 रन बनाकर लौटे, तो सूर्यवंशी ने वेदांत त्रिवेदी के साथ 89 रनों का योगदान देकर स्कोर 251 तक पहुंचाया। उसके बाद विहान मल्होत्रा (30), अभिज्ञान कुंडु (31 गेंदों पर 40) और कनिष्क चौहान (37*) ने तेजी से रन जोड़े।
इंग्लैंड की ओर से जेम्स मिंटो ने 3 विकेट लिए, जबकि सेबेस्टियन मॉर्गन और एलेक्स ग्रीन को 2-2 सफलता मिली। लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड 40.2 ओवरों में 311 रनों पर ढेर हो गई।
जोसेफ मूर्स (17) के जल्दी आउट होने के बाद बेन डॉकिन्स और बेन मेयस ने 74 रनों की साझेदारी की। मेयस 28 गेंदों पर 45 रन बनाकर नाबाद थे। लेकिन मध्यक्रम लड़खड़ा गया। कैलेब फाल्कनर ने 67 गेंदों पर 115 रन (9 चौके, 7 छक्के) ठोके, मगर टीम हार गई।
भारत के लिए आरएस अंबरीश ने 3 विकेट झटके, दीपेश देवेंद्रन और कनिष्क चौहान को 2-2 मिले। यह जीत युवा भारतीय क्रिकेट की ताकत को दर्शाती है।